हिन्दीकुंज,Hindi Website/Literary Web Patrika
हिन्दीकुंज (Hindikunj.com)हिंदी साहित्य की सेवा में समर्पित वेब की एक हिंदी साहित्यिक पत्रिका है,जो की कोलकाता से प्रकाशित की जाती है, जहाँ आप को हिंदी साहित्यकारों का परिचय एवं उनकी रचनाओ का आस्वाद मिलता है|
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Latest posts
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तेरे नाम की शाम करूँ
तेरे नाम की शाम करूँतेरी हँसी में सुबह मिले,तेरी नज़र में शाम करूँ,तू जो मिले तो ज़िंदगी को,हर पल तेरे नाम करूँ।आ जा ज़रा, मेरे करीब आ,कुछ अनकही सी बात करूँ,तू मेरी धड़कनों में रहे,मैं तुझसे ही शुरुआत करूँ।चुपके से जब हवा चले,तेरा ही एहसास आए,भीगी हुई इन पलकों पर,तेरा ही ख़्वाब…
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संकट पानी का नहीं, उसके उचित प्रबंधन का है
संकट पानी का नहीं, उसके उचित प्रबंधन का हैराजस्थान के ग्रामीण इलाकों में गर्मी का मौसम केवल तापमान बढ़ने का समय नहीं होता, बल्कि यह पानी की उपलब्धता और उसके प्रबंधन की सबसे बड़ी परीक्षा भी होती है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, गांवों में कुओं, तालाबों और जलाशयों का पानी कम होने…
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मन पछितैहै अवसर बीते: तुलसीदास के पद की व्याख्या, प्रसंग और विशेष
मन पछितैहै अवसर बीते: तुलसीदास के पद की व्याख्या, प्रसंग और विशेषमन पछितैहै अवसर बीते। दुर्लभ देह पाइ हरिपद भजु करम वचन अरु ही ते ।। सहस बाहु दसबदन आदि नृप, बचे न काल बली ते। हम-हम करि धनधाम सँवारे, अन्त चले उठि रीते । । सुन बनितादि जानि स्वारथरत, न करु नेह सबही ते । अन्तहु तोहि…
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माधौ जू यह मेरी इक गाइ: सूरदास के पद की सप्रसंग व्याख्या
माधौ जू यह मेरी इक गाइ: सूरदास के पद की सप्रसंग व्याख्यामाधौ जू, यह मेरी इक गाइ।अब आज तैं आप आगे दई, लै आइयै चराड़।। यह अति हरहाई, हरकत हूँ, हरकत हूँ, बहुत अमारग जाति। फिरति बेद-बन-ऊख उखारति, सब दिन अरु सब राति ।। हित करि मिलै लेहुँ गोकुलपति, अपने गोधन माँह। सुख सोऊँ सुनि बचन…
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हरि के जन की अति ठकुराई: सूरदास के पद की संपूर्ण व्याख्या, भावार्थ और काव्य-सौंदर्य
हरि के जन की अति ठकुराई: सूरदास के पद की संपूर्ण व्याख्या, भावार्थ और काव्य-सौंदर्यहरि के जन की अति ठकुराई।महाराज, रिषि राज, राजमुनि देखत रहे लजाई ।। निरभय देह, राज-गढ़ ताकौ, लोक भवन-उतसाहु ।' काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह ये भये चोर तैं साहु।। दृढ़ विस्वास कियौ सिंहासन, तापर बैठे…
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मैंने नारी को देवी बनते हुए देखा है
मैंने नारी को देवी बनते हुए देखा हैलेखक कहते हैं, नारी ही युद्ध का कारण होती है।मैं कहती हूँ, ज़रा द्रौपदी से पूछो,जब चीर-हरण हुआ, तो उस पर क्या बीती होगी।जिसके पतियों ने ही उसे दाँव पर लगा दिया,और हारकर अपना सम्मान भी गँवा दिया।जब कुरुक्षेत्र शांत था, तब भी मैंने देखा…
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नेडुम्बाश्शेरी से चेरानेल्लूर तक: आखिर कब जागेगा केरल का गृह विभाग?
नेडुम्बाश्शेरी से चेरानेल्लूर तक: आखिर कब जागेगा केरल का गृह विभाग?यदि नेडुम्बाश्शेरी में लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के कारण हुई दर्दनाक हत्या के बाद केरल की यातायात व्यवस्था, पुलिस बल और गृह विभाग ने अधिक सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ काम किया होता, तो शायद…
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दोस्त के जन्मदिन पर भाषण | Friend Birthday Speech in Hindi
दोस्त के जन्मदिन पर भाषण | Dost Ke Birthday Par Bhashan Hindi Meinआदरणीय अतिथिगण, मेरे प्रिय मित्रो और आज के इस खास दिन के नायक, मेरे सबसे प्यारे दोस्त, आप सभी को मेरा नमस्कार।आज का दिन मेरे लिए बहुत खास है, क्योंकि आज उस इंसान का जन्मदिन है जिसने मेरी ज़िंदगी को सच में खूबसूरत…
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Diwali Speech in Hindi | दीपावली 2026 पर भाषण - स्कूल, कॉलेज और मंच के लिए
Diwali Speech in Hindi | दीपावली 2026 पर भाषण - स्कूल, कॉलेज और मंच के लिएआदरणीय मंच, सम्मानित गुरुजनों, उपस्थित विद्वतजनों और मेरे प्रिय साथियों,आप सभी को दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।आज मैं आपके सामने उस त्योहार के बारे में कुछ बातें रखने आया हूँ, जिसकी प्रतीक्षा…
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हर रिश्ते में हिसाब लगाया नहीं करते
हर रिश्ते में हिसाब लगाया नहीं करतेवक़्त से पहले और क़िस्मत से ज़्यादा पाया नहीं करते,जो नहीं मिला हमको, उसका शिकवा नहीं करते।हर चाहत मुकम्मल हो, ये ज़रूरी तो नहीं,हर अधूरे ख़्वाब का मातम मनाया नहीं करते।सरे राह अपना ग़म बताया नहीं करते,बेवजह वक़्त को यूँ ज़ाया नहीं करते,समझ…
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शनि की साढ़ेसाती क्या है? उदय, शिखर और अस्त चरण का पूरा फल
शनि की साढ़ेसाती क्या है? उदय, शिखर और अस्त चरण का पूरा फलद्वादशे जन्मगे राशौ द्वितीये च शनिश्चरः।सार्धानि सप्त वर्षाणि तथा दुःखैर्युतो भवेत् ।।शनि की साढ़ेसाती का वर्णन हमारे शास्त्रों में भी किया गया है। उपरोक्त श्लोक के अनुसार जब शनि जन्म पत्रिका में स्थित चंद्रमा से बारहवें…
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स्वप्नों का आकाश
स्वप्नों का आकाशनील गगन के विस्तृत आँचल में,स्वप्नों के दीप जलते हैं।तम की गहन निशा के भीतर,आशा के सूरज पलते हैं।पथ में यदि काँटे बिखरें,चरण कभी रुकने न देना।आँधी बनकर आए विपदा,हौसले को झुकने न देना।श्रम की सरिता बहती जाए,ज्ञान बने जीवन की ज्योति।माटी में भी फूल खिला दे,ऐसी हो…
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यम क्या हैं? पतंजलि के पाँच यम और सामाजिक निर्माण में उनकी भूमिका
सामाजिक शुचिता, विश्वास, सौहार्द्र व मजबूती के आधारभूत उपकरण: यमभारतीय मनीषीयों ने जीवन को केवल व्यक्तिगत मोक्ष का साधन नहीं, सामाजिक निर्माण का आधार भी माना है। योग कोई गतिविधि मात्र नहीं, योग को प्रायः हम आसन और प्राणायाम तक सीमित कर देते हैं, पर महर्षि पतंजलि ने योग की…
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कुपोषण से लड़ाई में क्यों न जेन-जी को जोड़ा जाए?
कुपोषण से लड़ाई में क्यों न जेन-जी को जोड़ा जाए?आज की जेन जी पीढ़ी यानी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवा तकनीक, डिजिटल माध्यमों और नए विचारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनके पास सीखने, प्रयोग करने और अपनी बात को नए तरीकों से रखने की क्षमता है। लेकिन क्या इस पीढ़ी की…
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प्रयोजनमूलक हिंदी की प्रयोजनीयता में अनुवाद की भूमिका
प्रयोजनमूलक हिंदी की प्रयोजनीयता में अनुवाद की भूमिकाभाषा केवल भावों की अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, जीवन-व्यवहार का भी साधन है। जब हिंदी साहित्य की सीमा से बाहर निकलकर प्रशासन, विधि, वाणिज्य, विज्ञान, तकनीक, जनसंचार और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में किसी विशिष्ट उद्देश्य की पूर्ति…
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पथिक अभी रुकना नही
पथिक अभी रुकना नहीपथिक, अभी रुकना नहीं,पथिक, अभी थकना नहीं।हर हार की हुंकार से,होगा मस्तक-अभिषेक कभी।पहुँचेगा तू भी मंज़िल पर,जब डटा रहेगा रण में अभी।पथिक, अभी रुकना नहीं,पथिक, अभी थकना नहीं।आएँगे लाख काँटे भी,कर्तव्य-पथ की राह में।निखरेगा तू भी स्वर्ण सा,अगर तपेगा आग में…
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National Unity Day 2026: राष्ट्रीय एकता दिवस का इतिहास, महत्व और शुभकामना संदेश
National Unity Day 2026: राष्ट्रीय एकता दिवस का इतिहास, महत्व और शुभकामना संदेशहर वर्ष 31 अक्टूबर को पूरा देश राष्ट्रीय एकता दिवस मनाता है। यह दिन लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का है। इस वर्ष हम उनकी 151वीं जयंती पर उन्हें याद कर रहे हैं। यह केवल श्रद्धांजलि देने का…
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हिंदी भाषा में कंप्यूटर प्रौद्योगिकी का महत्व
हिंदी भाषा में कंप्यूटर प्रौद्योगिकी का महत्वइक्कीसवीं सदी को सूचना और प्रौद्योगिकी की सदी कहा जाता है। आज जीवन का शायद ही कोई क्षेत्र हो, जहाँ कंप्यूटर की भूमिका न हो। शिक्षा, प्रशासन, व्यापार, चिकित्सा, मनोरंजन और संचार, सभी कंप्यूटर तकनीक के सहारे आगे बढ़ रहे हैं। किंतु इस…
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राजभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार में हिंदी ब्लॉगर की भूमिका
राजभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार में हिंदी ब्लॉगर की भूमिका14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया। तब से हिंदी को प्रशासन, शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में स्थापित करने के अनेक प्रयास हुए हैं, किंतु किसी भाषा की असली शक्ति सरकारी आदेशों से…
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प्रभु चरणों में ही रखना
प्रभु चरणों में ही रखनायाद रखूँगा मैं ये कृपा तेरी, ओ देव मेरेसिर पे सजाया तूने हाथ मेरे, ओ नाथ मेरेमैं मन को समझा लूँगा, मैं मन को समझा लूँगाप्रभु चरणों में ही रखना...जिहाल-ए-किस्मत बदल दे आकर,शरण में तेरी बेचारा दिल है...सुनाई देती है जिसकी धड़कन,वो नाम तेरा महावीर प्रभु…